

बिजनौर पुलिस ने मंगलवार को पुलिस लाइन मैदान पर दंगा नियंत्रण का अभ्यास किया। इस मॉक ड्रिल के दौरान छोड़े गए आंसू गैस के गोलों से आसपास के निवासियों, दुकानदारों और राहगीरों को परेशानी का सामना करना पड़ा।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, आंसू गैस के गोले छोड़े जाने के बाद आसपास के क्षेत्र में धुआं फैल गया। इससे राहगीरों की आंखों में जलन होने लगी और आंसू बहने लगे। कुछ लोगों को खांसी की भी शिकायत हुई, जिसके बाद वे अपनी आंखों को पानी से धोते नजर आए।
आंसू गैस का असर पुलिस लाइन से लेकर रोडवेज बस स्टैंड तक महसूस किया गया, जहां बड़ी संख्या में दुकानें हैं और दिनभर लोगों की आवाजाही रहती है। कचहरी रोड, पुलिस लाइन के पास और रोडवेज के पास के दुकानदारों को भी धुएं से काफी दिक्कत हुई।
प्राइवेट बस स्टैंड और रोडवेज बस स्टैंड के मार्ग पर चलने वाले ई-रिक्शा चालकों, दोपहिया वाहन चालकों और पैदल यात्रियों को भी परेशानी हुई। कई वाहन चालक सड़क के बीच में ही रुककर अपनी आंखें मलते दिखे, जिससे तेज रफ्तार वाहनों के बीच संभावित दुर्घटनाओं का खतरा बढ़ गया था। इस दौरान एक स्कूटी सवार किशोर सड़क पर रोता हुआ भी नजर आया, जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है।
स्थानीय लोगों ने मांग की है कि ऐसे अभ्यासों से पहले सार्वजनिक सूचना दी जानी चाहिए, ताकि राहगीरों और आसपास के लोगों को अनावश्यक परेशानी न हो। उन्होंने यह भी बताया कि अचानक आंखों में जलन के कारण सड़क पर वाहनों के टकराने का खतरा बढ़ गया था।








